URL Kya Hota Hai in Hindi ? ब्लॉग का URL कैसे बनाए Best Guide 2022

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URL Kya Hota Hai in Hindi: – आज हम URL का इतिहास क्या था?, URL के भाग कितने होते हैं?, यूआरएल का स्ट्रक्चर कैसा होता है?, URL काम कैसे करता है?, SEO Friendly URL कैसे बनाये?, Hindi Blog के लिए यूआरएल कैसा होना चाहिए? आदि के बारे में बात करेंगे –

आ गए सारे नए ब्लॉगर? URL हर वेबसाइट के वेब पेज की पहचान होता है इसी के माध्यम से इन्टरनेट पर यूजर या सर्च इंजन बोट्स आपकी वेबसाइट या वेब पेज पर आते है

SEO के अनुसार आपको अपने ब्लॉग या वेबसाइट के यूआरएल को बनाना होता है जिससे सर्च इंजन में आपकी वेबसाइट की रैंकिंग इनक्रीस होती है इससे Regular Visitor भी आप बना सकते है

URL Kya Hota Hai in Hindi ? ब्लॉग का URL कैसे बनाए Best Guide 2022

URL अथार्थ “Uniform Resource Locator “ आज इन्टरनेट पर जितने भी वेब पेज, वेबसाइट मोजूद है उन सभी का एक Web Address होता है इस वेब एड्रेस को हम यूआरएल कहते है यह हर वेबसाइट के लिए अलग अलग होता है हर वेबसाइट या एक यूनिक वेब एड्रेस या यूआरएल होता है

चलिए अब हम URL Kya Hai के बारे में जानते है

URL का फुल फॉर्म क्या होता है?

Table of Contents

URL का फुल फॉर्म “Uniform Resource Locator” होता है

URL का इतिहास क्या था?

“Uniform Resource Locators” जिसको हम URL के नाम से जानते है इसको सबसे पहले Tim Berners-Lee ने ऐसे आर्गेनाइजेशन को बनाया जो सभी वेब पेज को अलग अलग यूनिक वेब एड्रेस या वेब लोकेशन देता है

जैसे जैसे इन्टरनेट का विकास होता गया वैसे वैसे HTML Language के बाद WWW यानी World Wide Web के बाद Pages के साथ Hyperlinks आदि को बनाया गया

URL Kya Hota Hai in Hindi? | What is URL in Hindi

“URL” टेक्स्ट के फॉर्मेट में एक लिंक होता है यह लिंक इन्टरनेट पर उपलब्ध किसी वेब पेज या वेबसाइट पर जाने का रास्ता होता है अलग अलग वेबसाइट का अलग अलग एक यूनिक यूआरएल होता है इस यूआरएल को हम वेब एड्रेस भी कहते है

आज पुरे इन्टरनेट या सर्च इंजन पर हम किसी भी वेबसाइट या उसके वेब पेज पर इन URL Links के माध्यम से ही जाते है सर्च इंजन यूजर की क्वेरी को कीवर्ड के माध्यम से इन वेब पेज पर ही ढूंढ़ता है

जैसे ही सर्च इंजन में आपके सामने किसी क्वेरी के रिजल्ट आते है तब आप जिस भी वेब पेज पर क्लिक करते है तो आप उस वेब पेज पर चले जाते है और अपनी Query का जवाब ले लेते है

URL Kya Hota Hai in Hindi ? ब्लॉग का URL कैसे बनाए Best Guide 2022

वेब पेज को हम ब्लॉग पोस्ट भी कहते है और किसी भी ब्लॉग पोस्ट के URL को हम पर्मालिंक कहते है ब्लॉग पोस्ट के पर्मालिंक के जरिये आप इन्टरनेट पर कही से भी इस ब्लॉग पोस्ट पर आ सकते है जैसे – सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्विटर, What’s App आदि

इसके साथ ही किसी भी सर्च इंजन, ब्राउज़र आदि से भी आप डायरेक्ट इस पर्मालिंक पर आ सकते है ऐसा इसीलिए होता है

क्योकि इन्टरनेट पर हर एक ब्लॉग पोस्ट या वेब पेज का यूआरएल या पर्मालिंक अलग अलग होता है URL किसी भी Web Pages, Text Document, Graphics या Programs आदि का हो सकता है

हर URL किसी न किसी वेब पेज के Resources को देखता है तब इसका Web Server से संबध जरुर होता है हर URL के Resources को वेब सर्वर में स्टोर किया जाता है

जब ब्लॉगर के ब्लॉग पर ट्रैफिक की बात आती है तब हर ब्लॉगर अपने URL को SEO Friendly URL रखना चाहता है क्योकि यह SEO के लिए बहुत जरुरी होता है

URL के भाग कितने होते हैं?

Uniform Resource Locator के मुख्य तीन भाग होते है जैसे – Protocol Designation, Host Name or Address, File or Resource Location.

इन तीन भागो से मिलकर हर यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) का स्ट्रक्चर बनता है इन सभी भागो को अलग अलग करने के लिए Special Characters ( :, / ) का उपयोग किया जाता है एक यूआरएल का फॉर्मेट कुछ इस तरह से होता है

URL Kya Hota Hai in Hindi ? ब्लॉग का URL कैसे बनाए Best Guide 2022

Protocol ://  Host  / Location

Protocol Substrings – “Protocol Substrings” यह प्रोटोकॉल किसी भी वेबसाईट या वेब पेज के रिसोर्सेज को आसानी से एक्सेस करने के लिए बनाया गया यह स्ट्रिंग्स होते है

जिसके बाद स्पेशल character ( :// ) का उपयोग किया जाता है इसमें Typical प्रोटोकॉल्स जैसे – HTTP या FTP का उपयोग क्रमशः ( http:// ) या ( ftp:// ) के रूप में किया जाता है

Example – https://nsarticle.com ( यहाँ Https:// एक प्रोटोकॉल है ) 

Host Substrings – “Host Substrings” होस्ट से हर कंप्यूटर या डिवाइस को Indentify करता है यह सब इन्टरनेट के डेटाबेस से होता है जिसको हम DNS ( DOMAIN NAME SYSTEM ) और IP ADDRESS कहते है यह वेब सर्वर के समूह को सिखाता है

Example – https://nsarticle.com ( यहाँ nsarticle.com एक डोमेन नाम है जोकि एक होस्ट में रहता है ) 

Location Substrings – “Location Substrings” यह वेब पेज जाना का रास्ता है जोकि उस Domain के किसी फोल्डर को देखता है जिसको इससे पहले ( Host Substrings ) में लिखा गया है इस Domain Name के होस्ट में यह लोकेशन फोल्डर मोजूद होता है

Example – https://nsarticle.com/url-kya-hota-hai/ ( यहाँ url-kya-hota-hai एक वेब लोकेशन हो जोकि nsarticle.com डोमेन की है और url-kya-hota-hai यह उसका एक वेब पेज है )

यूआरएल का स्ट्रक्चर कैसा होता है?

यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) का स्ट्रक्चर https://www.nsarticle.com/url-kya-hota-hai/ होता है यहाँ Https एक प्रोटोकॉल है और Https का s वेबसाइट के द्वारा इनफार्मेशन के आदान प्रदान को सिक्योर करता है

इसके बाद Www यानी World Wide Web यह इसके बाद हमारा डोमेन नाम nsarticle.com है यह एक Top Level Domain है इसके बाद url-kya-hota-hai यह है जोकि nsarticle का एक वेब पेज है यूआरएल का यह पूरा स्ट्रक्चर किसी वेबसाइट के किसी वेब पेज का पर्मालिंक होता है

URL काम कैसे करता है?

सबसे पहले हम हर वेबसाइट को इन्टरनेट पर ढूंढने के लिए IP Address का प्रयोग करते थे जोकि कुछ इस तरह (192.158.1.38 ) का होता था इससे इन्टरनेट पर इंसान और कंप्यूटर दोनों वेबसाइट का पता लगाते थे

लेकिन इंसानों के लिए इसको याद रखना मुश्किल होता था क्योकि हर वेबसाइट का IP एड्रेस अलग अलग होता था इसीलिए Domain Name System को बनाया गया जिससे लोगो को वेबसाइट का नाम याद रखना बहुत आसान बन गया

इसी तरह URL स्ट्रक्चर को भी इन्टरनेट पर याद रखना आसान हो गया इस DNS की मदत से हम किसी वेबसाइट के वेब पेज का यूआरएल बना पाते है जिससे इन्टरनेट पर यूजर डायरेक्ट उस वेबसाइट के उस वेब पेज पर ही पहुचता है

URL कितने प्रकार के होते है?

यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) कई प्रकार के होते है जैसे –

  • Messy
  • Dynamic
  • Static
  • Obfuscated

Messy – इसमें वह यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) आते है जिनमे Numbers और Letter का उपयोग किया जाता है इन यूआरएल को मुख्यत कंप्यूटर के द्वारा बनाया जाता है जो किसी भी एक डोमेन नाम के हजारो वेब पेज बनाते है जैसे – https://example.com/webbrowser1213131245/

Dynamic – यह यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) किसी भी डेटाबेस की क्वेरी का एंड रिजल्ट होता है यह यूआरएल वहां बनते है जहाँ Messy URL आये है इस यूआरएल के अन्दर की ?,&,%,+,=,$  जैसे Character होते है

यह यूआरएल आउटपुट में कंटेंट देते है इनका उपयोग ज्यादातर Shopping, travelling websites में होता है क्योकि वहां यूजर बार बार अपनी क्वेरी को बदलते रहते है जिससे उन क्वेरी का उत्तर भी बदलता रहता है

Static – यह यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) Dynamic यूआरएल के उलटे होते है इन यूआरएल को यूजर के कितनी भी रिक्वेस्ट करने पर भी बदला नहीं जाता है क्योकि यह यूआरएल HTML coding से Hard wired कर दिए जाते है जिससे इनको बदलना नामुंकिन होता है

Obfuscated – यह यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) Hidden होते है जिसका उपयोग Scam में होता है इसका उपयोग बहुत ही चालाकी के साथ किया जाता है जिसके बाद यह यूआरएल एक दम ओरिजिनल यूआरएल लगते है और यह यूआरएल यूजर को Malicious Website पर पंहुचा देते है

SEO Friendly URL कैसे बनाये?

अगर आपको अपने ब्लॉग पर सर्च इंजन से अच्छा ट्रैफिक लाना होता है तब आपको अपने वेब पेज या ब्लॉग पोस्ट के यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) को SEO फ्रेंडली रखना बहुत जरुरी होता है

नए ब्लॉगर को यह सही से नहीं पता होता है जिससे उनकी ब्लॉग पोस्ट को सर्च इंजन में कम रैंकिंग मिलती है एक Good URL kaise banaye, how to make url? के बारे में सभी ब्लॉगर को पता होना जरुरी है इससे आपके ब्लॉग को गूगल में अच्छी रैंकिंग मिलेगी

एक SEO Friendly URL को बनाने में इन बातो का रखे ध्यान –

  • आपको अपने URL को ऐसे बनाना है जिससे सर्च इंजन बोट्स को आपके यूआरएल को क्रॉल करने में कोई भी दिक्कत न हो
  • इसके लिए आपको अपने वेब पेज के यूआरएल में Focus Keyword का इस्तेमाल जरुरी करना चाहिए
  • आपको अपने वेब पेज के यूआरएल में Numbers का उपयोग नहीं करना है इससे आपकी वेबसाइट के यूजर का एक्सपीरियंस भी ख़राब होता है
  • आपको अपने वेब पेज के यूआरएल को जितना हो सके छोटा रखना है जिससे कि यूजर को समझने में आसानी हो जाए
  • आपको अपने वेब पेज के यूआरएल को ऐसा बनना है जिससे सर्च इंजन में आपके सभी वेब पेज को अलग अलग कहाँ जा सके

Https का उपयोग जरुर करे?

आपको आपनी वेबसाइट में Https प्रोटोकॉल का उपयोग जरुर करना चाहिए इससे आपकी वेबसाइट यूजर के लिए सिक्योर बनती है इससे आपके यूजर का डाटा सिक्योर तरीके से ट्रान्सफर होता है

सही यूआरएल फोर्मेट का उपयोग करे?

अगर आप वर्डप्रेस का उपयोग करते है तब आप अपने यूआरएल से डेट को हटा कर सकते है लेकिन Blogger में date by default ही add हो जाती है सिंपल यूआरएल फॉर्मेट ज्यादा अच्छा रहता है

जैसे – https://example.com/sample-page/

Stop Words का उपयोग न करे?

स्टॉप वर्ड्स जैसे – (the, and, or ,of, a ,an to, for etc) का उपयोग करना यूआरएल में सही नहीं रहता है इससे आपका यूजर भी Confuse होता है

स्माल लैटर का उपयोग करे?

आपको अपने यूआरएल में सभी लैटर को स्माल लैटर रखना चाहिए जैसे – https://example.com/sample-post/

WWW का उपयोग न करे?

www का उपयोग करना है या नहीं यह आप तय कर सकते है बहुत सारी वेबसाइट www लिखने से भी खुल जाती है जैसे अगर आप हमारी वेबसाइट पर www लगाकर भी आ सकते है लेकिन इससे आपकी वेबसाइट या यूआरएल बड़ा हो जाता है

Hindi Blog के लिए यूआरएल कैसा होना चाहिए?

हिंदी ब्लॉग का यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) या तो इंग्लिश में हो सकता है जैसे –

https://nsarticle.com/what-is-seo-in-hindi/

हिंदी ब्लॉग का यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) हिंगलिश में हो सकता है जैसे –

https://nsarticle.com/seo-kya-hai/

लेकिन हिंदी ब्लॉग का यूआरएल ( Uniform Resource Locator ) हिंदी में नहीं हो सकता है जैसे –

https://nsarticle.com/एसईओ-क्या-है/

Secure URL Kya Hai?

“Secure URL” ऐसा यूआरएल होता है जिसमे https का सिक्योर प्रोटोकॉल लगा हुआ होता है इस सिक्योर प्रोटोकॉल के होने के कारण किसी भी यूजर के पर्सनल डाटा का सुरक्षित तरीके से लेन – देन हो जाता है इसमें हैकर के द्वारा यूजर की  इनफार्मेशन को पढने का खतरा नहीं रहता है

ज्यादा जानकारी के लिए SSL Certificate Kya Hai? के बारे में आप पढ़ सकते है

Note – किसी भी वेबसाइट में अपनी जरुरी इनफार्मेशन जैसे – बैंक डिटेल्स, कार्ड डिटेल्स, ईमेल डिटेल्स आदि देने से पहले उसके Https प्रोटोकॉल को ऊपर एड्रेस बार में जरुर देखना चाहिए

URL Shortening Kya Hai?

“Url Shortening” एक तरीका है जिसके माध्यम से बड़े यूआरएल को छोटा किया जाता है जैसे – t.co (for Twitter), lnkd.in (for LinkedIn), goo.gl ( for google ).

Absolute URL Kya Hai?

Absolute URL में उपलब्ध सभी स्ट्रिंग्स का उपयोग किया जाता है जैसे – <a href=”https://example.com/2022/November/what-is-web-server.html”>

Relative URL Kya Hai?

Relative URL” में उपलध सभी स्ट्रिंग्स का उपयोग नहीं किया जाता है बल्कि कुछ लोकेशन एलिमेंट का उपयोग ही किया जाता है इनका उपयोग वेब सर्वर और वेब पेज में किया जाता है जैसे – <a href=”/2022/November/what-is-web-server.html”>

Note – Relative link का उपयोग वही होता है जहाँ Host और Protocol Information पहले से ही Establish हो बाकि वेब सर्वर की मदत से आटोमेटिक ही सारे missing protocol, Host Information भर जाते है

FAQ

यूआरएल में क्या लिखा जाता है?

यूआरएल में सबसे पहले Https के प्रोटोकॉल को लिखा जाता है इसके बाद :// लगाकर वेबसाइट का डोमेन नाम लिखा जाता है इसके बाद / लगाकर उस डोमेन के वेब पेज का एड्रेस लिखा जाता है जैसे – https://example.com/example-kya-hai/

वेबसाइट का यूआरएल क्या होता है?

वेबसाइट का यूआरएल इन्टरनेट पर उसका वेब पता होता है जिससे सभी यूजर उस वेबसाइट पर इन्टरनेट के माध्यम से आसानी से जा सकते है यह हर वेबसाईट का अलग अलग होता है

यूआरएल उदाहरण क्या है?

यूआरएल का उदाहरण exapmle.com है जोकि एक टॉप लेवल डोमेन है और अगर हम इसका कोई वेब पेज बनाते है जिसका नाम हम Sample page रखते है तब यह यूआरएल का उदाहरण exapmle.com/sample-page/ हो जाता है

url पता कैसे लगाएं?

किसी भी वेबसाइट के यूआरएल का पता लगाने के लिए आपको सबसे पहले उस वेबसाइट को अपने ब्राउज़र में खोल लेना है इसके बाद आपको ऊपर ब्राउज़र के एड्रेस बार में उस वेबसाइट का यूआरएल देखने को मिल जाता है जिसको आप कॉपी कर सकते है और कही पर भी शेयर कर सकते है

यूआरएल की खोज किसने की थी?

यूआरएल की खोज वर्ष 1994 में Tim berners-lee ने की थी जोकि www यानि वर्ड वाइड वेब के निर्माता है

गूगल का यूआरएल क्या है?

गूगल का यूआरएल https://www.google.co.in/ और https://www.google.com/ होता है

url क्यों महत्वपूर्ण है?

यूआरएल किसी वेबसाइट के रिसोर्सेज का वेब पता होता है जिसके माध्यम से यूजर उस रिसोर्सेज की फाइल्स को एक्सेस कर पाते है इन्टरनेट पर किसी भी वेब पेज या वेबसाइट पर जाने के लिए यूआरएल बहुत जरुरी होता है

url क्या है और इसके प्रकार?

“URL” टेक्स्ट के फॉर्मेट में एक लिंक होता है यह लिंक इन्टरनेट पर उपलब्ध किसी वेब पेज या वेबसाइट पर जाने का रास्ता होता है अलग अलग वेबसाइट का अलग अलग एक यूनिक यूआरएल होता है

इस यूआरएल को हम वेब एड्रेस भी कहते है यह कई प्रकार के होते है जैसे – Messy URL, Dynamic URL, Static URL, Obfuscated URL.

URL के कितने भाग होते हैं?

यूआरएल के तीन भाग होते है जोकि प्रोटोकॉल, होस्ट और लोकेशन होते है

आपने क्या सिखा?

आज मैंने आपको URL Kya Hota Hai in Hindi, URL का इतिहास क्या था?, URL के भाग कितने होते हैं?, यूआरएल का स्ट्रक्चर कैसा होता है?, URL काम कैसे करता है?, SEO Friendly URL कैसे बनाये?, Hindi Blog के लिए यूआरएल कैसा होना चाहिए? आदि के बारे में सभी जानकारी दी है

मुझे उमीद है कि आप सभी को “URL Kya Hota Hai” के बारे में सब कुछ समझ आ गया होगा फिर भी अगर आपका कुछ सवाल है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में मुझसे पूछ सकते है साथ ही आर्टिकल को शेयर जरुर करे

Credit By = itznitinsoni


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